चीनी मांझे से 3 मौतों के बाद प्रशासन सख्त
इंदौर। मकर संक्रांति (14 जनवरी) के ठीक पहले इंदौर में पतंगबाजी के उत्साह पर पुलिस और प्रशासन के एक सख्त फैसले ने ग्रहण लगा दिया है। शहर में चीनी (सिंथेटिक) मांझे की चपेट में आने से पिछले एक महीने में तीन लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद प्रशासन ने प्रमुख बाजारों में मांझा (धागा) बेचने पर ही रोक लगा दिया है। स्थिति यह है कि दुकानों पर पतंगें तो सजी हैं, चरखियां भी हैं, लेकिन उनमें भरने के लिए मांझा नदारद है। हालांकि चोरी से बेचने वाले बाज़ नहीं आ रहे हैं और गुपचुप तरीके से प्रयासरत हैं तो पुलिस ने भी आसमान प निगरानी शुरू कर दी है।
क्या है प्रशासन का नया आदेश?
लगातार छापेमारी के बावजूद चीनी मांझे की बिक्री न रुकने पर पुलिस ने यह कदम उठाया है, प्रमुख पतंग बाजारों में पुलिस ने दुकानों के बाहर पोस्टर लगवा दिए हैं। इन पर साफ लिखा है— “यहाँ किसी भी तरह का मांझा या धागा नहीं मिलेगा। सिर्फ पतंग ही उपलब्ध है।”
दुकानों पर पुलिस थानों के नंबर चस्पा किए गए हैं, ताकि यदि कोई दुकानदार चोरी-छिपे चीनी मांझा बेचता दिखे, तो लोग तुरंत सूचना दे सकें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
सिर्फ पुलिस की निगरानी में मिलेगा मांझा
विरोध और व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए प्रशासन ने थोड़ी राहत भी दी है। जानकारी के अनुसार, इंदौर के कुछ चुनिंदा बाजारों में मांझा बेचने की अनुमति दी गई है, लेकिन शर्त यह है कि वहाँ पूरे समय पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। उनकी निगरानी में ही केवल सुरक्षित (सूती/देशी) मांझा बेचा जा सकेगा।
बेचने और उड़ाने वाले दोनों पर होगी FIR
कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि प्रशासन अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर है। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार, चीनी मांझा बेचने वाले और इसका उपयोग करने वाले (पतंग उड़ाने वाले), दोनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पिछले एक महीने में 3 इंसानों की जान जाने के अलावा बड़ी संख्या में पक्षियों की भी मौत हुई है, जिसे देखते हुए यह कड़ा निर्णय लिया गया है।


Users Today : 11
Total Users : 13441
Views Today : 11
Total views : 23746
Who's Online : 1
Server Time : June 6, 2026 8:20 am