भोपाल: माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए अब तक के सबसे कड़े निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के मुताबिक, परीक्षा केंद्र पर केवल नकल ही नहीं, बल्कि शिक्षकों से बदतमीजी करना भी छात्रों के करियर पर भारी पड़ सकता है।
नकल और उद्दंडता पर ‘जीरो टॉलरेंस’
मंडल द्वारा वर्ष 2026 की परीक्षाओं के लिए जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि अनुशासनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा:
यदि कोई छात्र एक से अधिक विषयों में नकल करते पकड़ा जाता है, या नकल के साथ शिक्षक/केंद्राध्यक्ष से उद्दंड व्यवहार करता है, तो उसके सभी विषयों की परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी। जिस उत्तर पुस्तिका में नकल का प्रकरण (Case) दर्ज होगा, उसकी जांच (Valuation) नहीं की जाएगी। यदि किसी छात्र से एक विषय में पर्ची मिलती है, वह चिट निगल लेता है या कॉपी फाड़ देता है, तो उस विशिष्ट विषय का रिजल्ट ‘कैंसिल’ माना जाएगा।
सामूहिक नकल पर ‘कमांड’ कार्रवाई
सामूहिक नकल को रोकने के लिए मंडल ने ‘चेक एंड बैलेंस’ की सख्त व्यवस्था की है:
यदि कलेक्टर या फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा किसी केंद्र पर सामूहिक नकल की पुष्टि होती है, तो उस केंद्र के सभी संबंधित छात्रों का पूरा परीक्षाफल निरस्त कर दिया जाएगा। मूल्यांकन के दौरान यदि किसी केंद्र की 10 या अधिक कॉपियों में एक-तिहाई उत्तर एक जैसी भाषा शैली, समान तरीके और समान प्रस्तुति में मिले, तो इसे सामूहिक नकल मानकर कड़ी जांच की जाएगी। यदि किसी केंद्राध्यक्ष या पर्यवेक्षक की मिलीभगत पाई जाती है, तो उन्हें 5 वर्षों तक मंडल के सभी कार्यों से प्रतिबंधित (Ban) कर दिया जाएगा।
📝 नकल प्रकरणों की श्रेणियाँ और कार्रवाई
| स्थिति | संभावित कार्रवाई |
| एक विषय में नकल सामग्री मिलना | केवल उस विषय का परिणाम ‘Cancel’ |
| नकल के साथ अभद्र व्यवहार/बदतमीजी | संपूर्ण परीक्षाफल (All Subjects) निरस्त |
| कॉपी लेकर भागना या फाड़ना | संबंधित विषय का परिणाम निरस्त |
| सामूहिक नकल प्रमाणित होना | केंद्र के सभी छात्रों का संपूर्ण परीक्षाफल निरस्त |
मंडल ने सभी प्राचार्यों और परीक्षा केंद्रों को इन नियमों का कड़ाई से पालन करने और छात्रों को पहले से सूचित करने के निर्देश दिए हैं।

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Server Time : June 6, 2026 2:22 pm