नई दिल्ली — देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) का परिचालन संकट छठे दिन में प्रवेश कर चुका है, जिससे देश का पूरा हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीते पाँच दिनों में इंडिगो की 2000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिसने लाखों यात्रियों की यात्रा योजनाओं को चौपट कर दिया है। शनिवार को भी इंडिगो की 400 से अधिक उड़ानें रद्द हो गई हैं, जिससे प्रमुख हवाई अड्डों पर लंबी लाइनें और अफरा-तफरी का माहौल है।
पांच दिनों में 2000 से अधिक उड़ानें रद्द
इंडिगो एयरलाइन में यह परिचालन संकट ‘फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन’ (FDTL) नियमों के नए सख्त निर्देशों को ठीक से लागू न कर पाने के कारण आया है।
| दिन | रद्द उड़ानें (लगभग) | प्रभावित यात्री (अनुमानित) |
| बीते 5 दिन | 2000 से ज्यादा | 3 लाख से अधिक |
| शुक्रवार | 1000 | – |
| शनिवार (आज) | 400 से ज्यादा | – |
कई यात्री 24 घंटे से ज्यादा समय से हवाई अड्डों पर फंसे हैं। अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम और अन्य एयरपोर्ट्स पर भी शनिवार को भारी संख्या में उड़ानें रद्द हुई हैं।
प्रमुख हवाई अड्डों पर परिचालन ठप
देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर इंडिगो का परिचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है:
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दिल्ली एयरपोर्ट: 106 उड़ानें रद्द (54 प्रस्थान, 52 आगमन)
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मुंबई हवाई अड्डा: 109 उड़ानें रद्द (सुबह 9 बजे तक)
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पुणे हवाई अड्डा: 42 उड़ानें रद्द (14 आगमन, 28 प्रस्थान)
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हैदराबाद एयरपोर्ट: 69 उड़ानें रद्द (26 आगमन, 43 प्रस्थान)
सरकार का एक्शन और DGCA द्वारा नियमों में छूट पर विवाद
इस विकट स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा है।
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लापरवाही की जांच: नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा है कि नए FDTL नियम 1 नवंबर से लागू हैं और किसी अन्य एयरलाइन को दिक्कत नहीं हुई। इससे साफ है कि गलती इंडिगो एयरलाइन की है, और लापरवाही की जांच होगी और कार्रवाई होगी।
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इंडिगो की स्वीकारोक्ति: इंडिगो एयरलाइन खुद भी स्वीकार कर चुकी है कि उनसे योजना के स्तर पर लापरवाही हुई और वे स्थिति का सही आकलन नहीं कर सके, जिसके चलते क्रू का संकट पैदा हुआ।
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DGCA की राहत पर विवाद: हालात को देखते हुए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने फिलहाल चालक दल के सदस्यों के लिए साप्ताहिक विश्राम से जुड़े अपने हालिया सख्त निर्देशों को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।
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पायलटों का विरोध: पायलटों के संगठन, एयरलाइंस पायलट्स एसोसिएशन (ALPA) इंडिया ने इस छूट पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने कहा है कि इस छूट ने न सिर्फ़ रेगुलेटरी बराबरी को खत्म किया है, बल्कि लाखों यात्रियों को भी खतरे में डाला गया है।
यात्रियों के लिए सरकार के निर्देश
देशभर में शादियों के सीजन और छुट्टियों के कारण हवाई अड्डों पर भारी भीड़ है, जिससे यात्रियों में गुस्सा है। संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने कंट्रोल रूम शुरू किया है और ये निर्देश दिए हैं:
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रिफंड: उड़ान रद्द होने पर यात्रियों को पूर्ण रिफंड दिया जाए।
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सुविधा: दिव्यांगों-बुजुर्गों को विशेष मदद, बहुत देरी होने पर होटल और एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट देने का निर्देश।
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नियम: फ्लाइट कैंसिल या 6 घंटे से ज्यादा लेट होने पर पूरा किराया वापस करने या दूसरी फ्लाइट से यात्रा कराने का नियम है। रात 8 बजे से सुबह 3 बजे की उड़ान 6 घंटे से ज्यादा लेट होने पर होटल और एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट देने का निर्देश है।
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