आगर मालवा — जिले के नलखेड़ा में स्थित विश्व प्रसिद्ध माँ बगलामुखी मंदिर परिसर की कीमती जमीन को लेकर हाई कोर्ट के निर्णायक फैसले के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। शुक्रवार देर रात पुलिस प्रशासन, राजस्व विभाग और नगर परिषद की संयुक्त टीम मौके पर पहुँची और जेसीबी की मदद से वर्षों पुराने अतिक्रमण को हटा दिया गया। कार्रवाई देर रात तक चलती रही, जिससे परिसर में भारी भीड़ के बीच अतिक्रमणकर्ताओं में हड़कंप मचा रहा।
दो दशक पुराना विवाद समाप्त
यह विवाद नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध श्री राम मंदिर की कीमती भूमि से संबंधित था, जो दो दशकों से अधिक समय से लंबित था। हाई कोर्ट ने इस मामले में अपील को निरस्त करते हुए जमीन पर सरकार का अधिकार एक बार फिर स्थापित कर दिया।
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मूल विवाद: यह विवाद वर्ष 2007 से सरकार के खिलाफ चल रहा था। विवाद तब शुरू हुआ जब वर्ष 1997 में कुछ लोगों ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाकर और फर्जी आधार पर इस जमीन के संबंध में एक डिक्री (Decree) प्राप्त कर ली थी।
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अवैध डिक्री: इस डिक्री पर सवाल उठे और जिला न्यायालय में वाद प्रस्तुत हुआ। आगर अपर जिला न्यायाधीश ने 14 मार्च 2007 को विस्तृत साक्ष्यों के आधार पर उक्त डिक्री को अवैध व शून्य घोषित कर दिया था।
हाई कोर्ट ने डिक्री को ‘विधिक रूप से टिकाऊ नहीं’ माना
जिला न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ प्रथम अपील दायर हुई, जिसे हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि वर्ष 1997 में प्राप्त डिक्री धोखे से और दस्तावेजों को छुपाकर प्राप्त की गई थी और यह विधिक रूप से टिकाऊ नहीं है।
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कोर्ट ने यह भी देखा कि प्रस्तुत वसीयतनामा संदेहास्पद था और मूल राजस्व अभिलेख मंदिर/मठ की पारंपरिक गुरु-चेले प्रणाली की पुष्टि करते थे।
शासन का पक्ष और कार्रवाई
मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद सोनी ने मजबूती से अंतिम बहस की। उन्होंने राजस्व अभिलेख, ओकाफ समिति के मूल रिकॉर्ड और फर्जी दस्तावेज़ों के पूरे क्रम को स्पष्टता से अदालत के समक्ष रखा। अदालत ने माना कि धोखाधड़ी के माध्यम से उक्त भूमि पर गलत तरीके से दावा स्थापित करने की कोशिश की गई थी।
हाई कोर्ट द्वारा सरकार के पक्ष में अपील निरस्त करने से मंदिर की भूमि सुरक्षित हो गई।
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कार्रवाई स्थल पर: फैसला आने के बाद शुक्रवार रात को पुलिस और प्रशासन की टीम एसडीएम सर्वेश यादव, नलखेड़ा एसडीओपी देव नारायण यादव, सीएमओ मनोज नामदेव सहित नलखेड़ा और सुसनेर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची।
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अतिक्रमण ध्वस्त: जेसीबी की मदद से वर्षों पुराने अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया गया।
हालांकि, मौके पर मौजूद अधिकारियों ने इस कार्रवाई के संबंध में कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया, लेकिन देर रात की गई इस कार्रवाई से अतिक्रमणकर्ताओं में हड़कंप की स्थिति रही।


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Server Time : July 22, 2026 11:02 am