समिति निगरानी और समन्वय का काम करेगी, वर्मा को अध्यक्ष बनाया
इंदौर। देशभर में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे हैं स्पेशल इंसेंटिव रिवीजन ( SIR ) कार्यक्रम के क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए केंद्रीय समिति के निर्देश अनुसार इंदौर में भी एक कमेटी बनाई गई है जो एसआईआर के क्रियान्वयन में समन्वय का काम करेगी।
इन दिनों निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में सुधार और पुनरीक्षण जैसे कार्य के लिए एसआईआर लागू किया गया है। इस पर निगरानी के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश में राज्य स्तरीय SIR कार्यक्रम की मॉनिटरिंग एवं समन्वय के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा की अध्यक्षता में गठित की गई 8 सदस्यों की समिति एसआईआर कार्यक्रम की निगरानी करेगी । समिति को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहां है कि सभी सदस्य अपने-अपने क्षेत्र में एसआईआर कार्यक्रम की सतत मॉनिटरिंग, समीक्षा और समन्वय का कार्य पूरी निष्ठा एवं सक्रियता से करेंगे ताकि संगठन के उद्देश्य की पूर्ति सुनिश्चित हो सके। SIR कार्यक्रम के लिए राज्य निर्वाचन आयोग मप्र द्वारा इंदौर नए बीएलओ बनाए गए हैं जो इस कार्य के लिए मतदाताओं के पास काम से कम तीन बार पहुंचेंगे और फार्म में दिया गया डाटा भरने के साथ मतदाता, उनके माता-पिता और परिजनों की जानकारी भी जुटाएंगे।
ये सदस्य हैं समिति में
एसआईआर कार्यक्रम की निगरानी के लिए कांग्रेस द्वारा गठित की गई समिति में पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा अध्यक्ष एवं डॉ संजय कमले, राजीव सिंह, शैलेंद्र पटेल, जेपी धनोपिया, गोविंद बरेठी, रितेश जैन और सलिल सेन को सदस्य मनोनीत किया है।
क्या है SIR ?
लंबे समय से देश में घुसपैठियों को लेकर बहस होती रही है। ऐसे में मतदाताओ को चिन्हित करने के लिए उनके परिवार की हिस्ट्री और पुरानी मतदाता सूची से मिलान करना ही SIR का मख्य उद्देश है। वही कांग्रेसियों का कहना है कि उन्हें शंका है कि एसआईआर के आड़ में निर्वाचन आयोग भाजपा से मिलकर वास्तविक मतदाताओं के नाम काटने का कूटनीति कर सकती है।


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