भोपाल: दीपावली की रौनक के साथ ही मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में एक बार फिर वायु गुणवत्ता (Air Quality) पर गहरा संकट आ गया। पटाखों की अत्यधिकता, ठंडी हवा और कम वायु प्रवाह के चलते दिवाली की रात वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर तक पहुँच गया। राजधानी भोपाल से लेकर इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन तक हवा ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई।
प्रदूषण बढ़ने के कारण:
मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) के आंकड़ों के अनुसार, रात के समय:
- पटाखों का अत्यधिक विस्फोट: इससे निकलने वाले सूक्ष्म कणों (Particulate Matter) की मात्रा में भारी वृद्धि हुई।
- ठंडा तापमान: तापमान में गिरावट आई।
- कम वायु गति: वायु प्रवाह कम होने के कारण प्रदूषक तत्व हवा में ही जमे रहे।
इन कारणों से AQI कई घंटों तक खतरनाक श्रेणी में बना रहा, जिससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
प्रमुख शहरों की स्थिति (दीपावली रात के AQI आंकड़े):
| शहर | AQI स्तर (लगभग) | श्रेणी/स्थिति |
| ग्वालियर | 410 | गंभीर श्रेणी (प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर) |
| इंदौर | 404 | गंभीर श्रेणी |
| भोपाल | 329 | बहुत खराब श्रेणी |
| उज्जैन | 320 | बहुत खराब श्रेणी (सांस के मरीजों के लिए खतरनाक) |
स्वास्थ्य पर गहरा असर:
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, AQI जब 300 के पार पहुँचता है, तो हवा में मौजूद सूक्ष्म कण सीधे फेफड़ों तक पहुँचते हैं। इससे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और अन्य श्वास संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
MPPCB द्वारा ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अपील के बावजूद, इसका व्यापक असर देखने को नहीं मिला। विशेषज्ञों ने समाज से जिम्मेदारी से पेश आने और प्रदूषण रोकने की दिशा में गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।


Users Today : 1
Total Users : 17318
Views Today : 1
Total views : 31590
Who's Online : 1
Server Time : September 19, 2026 12:06 am