वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैरिबियाई जल क्षेत्र में ड्रग्स तस्करी करने वाली एक पनडुब्बी पर अमेरिकी सेना द्वारा किए गए हमले की प्रशंसा करते हुए कहा कि अगर वह पनडुब्बी अमेरिका तक पहुंच जाती तो “कम से कम 25,000 अमेरिकी मारे जाते।”
घटना और ट्रंप का बयान:
यह कार्रवाई कैरिबियन में एक संदिग्ध ड्रग-स्मगलिंग पनडुब्बी पर हमले के बाद हुई, जो गुरुवार को हुआ था।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके इस कार्रवाई की पुष्टि की और दावा किया कि यह एक “बहुत बड़ी ड्रग-ले जाने वाली पनडुब्बी” थी, जो एक ज्ञात नशीले पदार्थों की तस्करी मार्ग से संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर बढ़ रही थी।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी खुफिया विभाग ने पुष्टि की थी कि यह जहाज मुख्य रूप से फेंटानिल और अन्य अवैध नशीले पदार्थों से भरा हुआ था।
इस हमले में पनडुब्बी में सवार चार लोगों में से दो मारे गए।
प्रत्यर्पण की घोषणा:
पनडुब्बी पर हमले के बाद बचे दो संदिग्ध ड्रग तस्करों को अमेरिकी सेना ने हिरासत में लिया था।
राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि इन दोनों जीवित बचे “नारकोटेररिस्ट्स” को हिरासत और अभियोजन के लिए उनके गृह देश इक्वाडोर और कोलंबिया वापस भेजा जाएगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि “मेरी निगरानी में, संयुक्त राज्य अमेरिका नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले नारकोटेररिस्टों को बर्दाश्त नहीं करेगा।”
यह हमला ट्रंप प्रशासन द्वारा ड्रग्स तस्करी नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त सैन्य अभियान का हिस्सा


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