ऑर्क फॉर्मास्युटिकल्स में तीन दिनों तक चली जांच के बाद कार्यवाही
कंपनी के प्रोडक्शन, विक्रय और वितरण पर प्रतिबंध
इंदौर। सरकार को दवाई सप्लाई करने वाली कंपनियों द्वारा अक्सर लापरवाही करने की शिकायत आती है, लेकिन कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश में एक जहरीले कफ सीरप ने बच्चों की जान ले ली। उस दर्दनाक घटना के बाद अब दवा कंपनियों के विरुद्ध सरकार ने मुहिम चलाकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। इस क्रम में पिछले दिनों दो गुजरात की कंपनियों का विक्रय बंद करवाने के बाद आप इंदौर की दवा निर्माण कंपनी पर भी प्रतिबंध लगाया है।
रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन स्कीम के अंतर्गत सेंट्रल ड्रग स्टेंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन के डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ और ऑफिस ऑफ द कंट्रोल फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन भोपाल के आदेश पर ऑर्क फॉर्मास्युटिकल्स का निरीक्षण किया गया। जांच के लिए नई दिल्ली के विजय दुपाला और भोपाल की औषधि निरीक्षक अनामिका सिंह को दायित्व सौंपा गया। दो विभागों के संयुक्त दल द्वारा 27 से 29 सिंतम्बर तक 3 दिन तक निरीक्षण कर जांच की गई। जांच के बाद 30 सिंतम्बर को ही नोटिस जारी किया गया। नोटिस में 216 बिंदुओं पर फॉर्मास्युटिकल्स कंपनी से स्पस्टीकरण मांगा गया। नोटिस जारी करते हुए कंपनी को उत्पादन, विक्रय तथा वितरण रोकने की सख्त चेतावनी दी गई। साथ ही इन तीनो प्रक्रियाओं पर तुरंत प्रतिबंध भी लगाया गया। जारी आदेश के अनुसार उक्त कंपनी के सभी उत्पाद तुरंत बाजार से हटाने के भी निर्देश दिए गए हैं। ज्ञात रहे कि पिछले दिनों एक जहरीले कफ सिरप के कारण कई बच्चों की जान चली गई जिसके बाद प्रदेश सरकार ने संज्ञान लेते हुए फार्मा कंपनियों की जांच शुरू की है। इंदौर भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में दवाई कंपनियों द्वारा नियम एवं शर्तों को ताक में रखकर दवाइयों का निर्माण किया जा रहा है।
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