चंडीगढ़, 4 सितंबर
बाढ़ के कारण कठिन दौर से गुजर रहे देश के अन्न भंडार पंजाब के लिए, आज राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से बाढ़ से उत्पन्न संकट से निपटने के लिए तत्काल वित्तीय राहत और बड़ा विशेष वित्तीय पैकेज देने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ की मार झेल रहे चार लाख एकड़ कृषि भूमि के लिए किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे में वृद्धि की भी मांग की।
स. खुड्डियां ने केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ अमृतसर, गुरदासपुर और कपूरथला जिलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और इस प्राकृतिक आपदा के कृषि क्षेत्र पर पड़े गंभीर असर को उजागर किया। अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के उपरांत स. खुड्डियां ने श्री चौहान का स्वागत किया, जो बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने और प्रभावित किसानों से मिलने के लिए राज्य के दौरे पर आए थे।
बाढ़ के कारण हुए भारी नुकसान को उजागर करते हुए पंजाब के कृषि मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार 4 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में खड़ी फसलें बाढ़ के पानी की चपेट में आई हैं। कटाई के सीजन से कुछ सप्ताह पहले, धान की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि इस तबाही के नतीजे स्वरूप किसानों और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है। पशुधन को हुए नुकसान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर और भी बुरा असर पड़ा है।
स. खुड्डियां ने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा में पंजाब का विशेष योगदान है और एक कृषि प्रधान राज्य होने के नाते पंजाब केंद्रीय खाद्य पुल में अहम योगदान देता है। हालांकि बाढ़ के कारण फसलें, कृषि बुनियादी ढांचा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक रीढ़ कही जाने वाली कृषि पर भारी दबाव है, इसलिए इस क्षेत्र को फिर से जीवित करने और किसानों को तत्काल सहायता देने की आवश्यकता है।
बाढ़ पीड़ितों के लिए नगण्य मुआवजे पर चिंता प्रकट करते हुए पंजाब के कृषि मंत्री ने कहा कि फसलों के नुकसान का मौजूदा मुआवजा 6,800 रुपये प्रति एकड़ है, जो कि किसानों के वास्तविक नुकसान की तुलना में बेहद कम है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस मुआवजे को बढ़ाकर कम से कम 50,000 रुपये प्रति एकड़ किया जाए।
स. खुड्डियां ने केंद्र सरकार द्वारा रोके गए ग्रामीण विकास फंड (आर.डी.एफ.) और मार्केट विकास फंड (एम.डी.एफ.) के 8,000 करोड़ रुपये तुरंत जारी करने की भी मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब को बाढ़ के प्रभाव को कम करने और राज्य की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की आवश्यकता है।


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