पूर्वी रिंग रोड के विरोध में कलेक्ट्रेट पर हंगामा; गर्मी से किसान बेहोश, गले में मेडल लटकाकर जताया विरोध
इंदौर। इंदौर के पूर्वी आउटर रिंग रोड (Eastern Outer Ring Road) परियोजना के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। सैकड़ों की संख्या में किसान आज अर्धनग्न होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण प्रदर्शन के दौरान एक किसान बेहोश होकर गिर पड़ा, जिसे तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई।
यह विरोध सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत प्रस्तावित सड़क निर्माण और भूमि अधिग्रहण के खिलाफ है।
‘1200 किसानों की जमीन, विकास या विनाश?’
किसान प्रतिनिधि गौतम बंटू गुर्जर ने प्रशासन की योजना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका तर्क है कि पूर्वी हिस्से में पहले से ही रिंग रोड-2, रिंग रोड-3 और बायपास जैसी सड़कें मौजूद हैं। नई रिंग रोड के लिए करीब 1200 किसानों की बेशकीमती और उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। यह भूमि मालवा-निमाड़ क्षेत्र में अनाज और सब्जी उत्पादन का प्रमुख स्रोत है। किसानों ने साफ कर दिया है कि वे ‘एक इंच जमीन भी नहीं देंगे’। उनका कहना है कि सरकार ‘कंक्रीट का जंगल’ खड़ा करना चाहती है, जबकि ‘खेती बचेगी तो ही किसान बचेगा’।
प्रदर्शन की सबसे भावुक तस्वीर वह थी, जब किसान अपने गले में वे मेडल और शील्ड लटकाकर पहुंचे, जो उन्हें कृषि नवाचार और सामाजिक योगदान के लिए मिले थे। किसानों ने कहा, “जब यह सम्मान मिला था, तब हम विकास के सहभागी थे। आज उसी विकास के नाम पर हमारी रोजी-रोटी छीनी जा रही है।”
3 विधानसभाओं के किसान एक साथ
यह आंदोलन अब बड़ा रूप ले चुका है। इसमें महू, इंदौर और सांवेर विधानसभा क्षेत्रों के किसान एकजुट हो गए हैं। सिंहस्थ 2028 नजदीक है, ऐसे में प्रशासन के लिए यह एक बड़ी परीक्षा बन गई है। एक तरफ शहर के विस्तार और ट्रैफिक मैनेजमेंट की जरूरत है, तो दूसरी तरफ अन्नदाताओं की आजीविका का सवाल।


Users Today : 9
Total Users : 15591
Views Today : 13
Total views : 27718
Who's Online : 1
Server Time : July 22, 2026 8:24 am