हेल्थ डेस्क (जनहित मीडिया)। हड्डियों में दर्द, हर वक्त थकान और कमज़ोर इम्यूनिटी—ये सभी लक्षण शरीर में विटामिन डी की कमी की ओर इशारा करते हैं। विटामिन डी न केवल कैल्शियम को सोखने के लिए ज़रूरी है, बल्कि यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य और हार्मोनल संतुलन के लिए भी अनिवार्य है।
अक्सर कहा जाता है कि सुबह की धूप विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत है, लेकिन विज्ञान कुछ और ही कहता है। आइए जानते हैं क्या है विटामिन डी लेने का सही समय और तरीका।
क्या सुबह की धूप वाकई काफी है?
ज़्यादातर लोग मानते हैं कि सूर्योदय के समय की लाल धूप विटामिन डी देती है। लेकिन हकीकत यह है कि विटामिन डी बनाने के लिए शरीर को UVB किरणों की ज़रूरत होती है। शोध बताते हैं कि दोपहर 11 बजे से 2 बजे के बीच की धूप विटामिन डी के संश्लेषण (synthesis) के लिए सबसे प्रभावी होती है। इस समय सूरज आसमान में सीधा होता है और UVB किरणें सबसे तेज़ होती हैं। अगर आपकी त्वचा का रंग साफ है, तो रोज़ाना 10-15 मिनट की धूप काफी है। डार्क कॉम्प्लेक्शन वाले लोगों को 25-30 मिनट लग सकते हैं।
सप्लीमेंट्स लेने का सही समय:
अगर आपकी जीवनशैली ऐसी है कि आप धूप नहीं ले पाते और डॉक्टर ने आपको विटामिन डी सप्लीमेंट (गोली या कैप्सूल) की सलाह दी है, तो इसे लेने का भी एक विज्ञान है, भोजन के साथ लें विटामिन डी एक Fat-soluble (वसा में घुलनशील) विटामिन है। इसका मतलब है कि इसे शरीर में सोखने के लिए ‘फैट’ की ज़रूरत होती है। इसे दिन के सबसे भारी भोजन (लंच या डिनर) के साथ लेना सबसे अच्छा है। अगर आप इसे खाली पेट लेते हैं, तो यह पूरी तरह शरीर में एब्जॉर्ब नहीं हो पाएगा। कुछ अध्ययनों के अनुसार, रात में विटामिन डी लेने से नींद का हार्मोन ‘मेलाटोनिन’ प्रभावित हो सकता है, जिससे नींद आने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए इसे सुबह या दोपहर के भोजन के साथ लेना ही सबसे सही है।
धूप के अलावा, आप इन चीजों को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं- फैटी फिश (मछली) जैसे टूना या सैल्मन, अंडे की जर्दी (Egg Yolk), मशरूम जो धूप में उगाए गए हों, फोर्टिफाइड फूड्स जैसे विटामिन डी युक्त दूध, दही या ऑरेंज जूस।
सावधानी: विटामिन डी की कमी जितनी खतरनाक है, इसका ओवरडोज भी उतना ही नुकसानदेह हो सकता है। इससे किडनी स्टोन या शरीर में कैल्शियम की अधिकता (Hypercalcemia) हो सकती है। इसलिए, कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले ब्लड टेस्ट (25-Hydroxy Vitamin D Test) ज़रूर करवाएं और डॉक्टर की सलाह लें।
प्रो टिप: धूप लेते समय शरीर का ज़्यादा से ज़्यादा हिस्सा (जैसे हाथ और पैर) खुला रखें ताकि स्किन किरणों को सोख सके। सनस्क्रीन लगाने से विटामिन डी का बनना $95\%$ तक कम हो जाता है।


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