इंदौर के खाद्य सुरक्षा अधिकारियो ने पकड़ा था 34 क्विंटल नकली घी, सारे सेंपल हुए फेल
मप्र सरकार द्वारा लाइसेंस रद्द करने के बाद अब FSSAI दिल्ली के लाइसेंस पर चल रहा है मिलावट का कारोबार


इंदौर। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने पालदा क्षेत्र में नकली घी बनाने वाले कारखाने पर छापा मारा था और वहां से 3,400 किलो नकली घी बरामद किया, कारखाना सील कर दिया। उसके सभी सैंपल भी फेल हो गए और खाद्य लाइसेंस रद्द कर दिया गया। लेकिन उधर एफएसएसएआई की केंद्रीय टीम ने इस कंपनी के लाइसेंस को अभी यथावत रखा है और नकली घी बनाने वाला माफिया आज भी चोरी चुपके उस थोक विक्रेता लाइसेंस पर काम कर रहा है।
मामला इंदौर के पालदा क्षेत्र में अक्टूबर में पकड़ाए नकली घी माफिया नरेंद्र गुप्ता की “श्रीराम फूड्स एंड डेरी इंडस्ट्री” का है। इसके यहां 34 क्विंटल नकली घी जप्त किया गया था। खाद औषधि विभाग द्वारा कारखाना सील करने के बाद लाइसेंस रद्द किया गया था लेकिन इसी नकली घी बाजार में बेचकर लोगों के स्वास्थ्य और जान से खिलवाड़ करने वाले गुप्ता का fssai का केंद्रीय लाइसेंस अभी भी चालू है। इतना ही नहीं फिर से नकली घी बनाने के लिए नरेंद्र गुप्ता द्वारा fssai को ऑनलाइन आवेदन किया गया है, हालांकि लाइसेंस नहीं दिया है लेकिन आवेदन लाइसेंस की प्रक्रिया में है। कुल मिलाकर स्थानीय अधिकारियों और जन सहयोग से जहां इस तरह के समाज में जहर बांटने वाले लोगों पर कार्रवाई का प्रयास किया जा रहा है वहीं ऑनलाइन त्वरित लाइसेंस से ऐसे लोगों को समाज में जहरीला भोजन देने की न केवल छूट दी जा रही बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से उन्हें प्रमोट करने का काम भी किया जा रहा है।
केंद्रीय लाइसेंस हो तो जांच का अधिकार नहीं
बिस्कुट चॉकलेट घी पनीर आदि किसी भी तरह के खाने योग्य वस्तुओं के निर्माण के लिए केंद्रीय लाइसेंस पर काम कर रहे हैं कारखाने की जांच पड़ताल का अधिकार मध्यप्रदेश शासन के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के पास नहीं है। इसी का फायदा उठाने मिलावटी और नकली माल बनाने वाले निर्माण इकाई और विक्रय के लिए केंद्रीय लाइसेंस लेकर खुलेआम “जहर” परोस रहे हैं। ऐसे ही एक नरेंद्र गुप्ता भी हैं जिसका घी का कारखाना सील होने और लाइसेंस रद्द होने के बाद केंद्रीय लाइसेंस के सहारे मिलावटी स्वास्थ्य के लिए घातक घी का कारोबार कर रहे हैं।
ऑनलाइन लाइसेंस प्रक्रिया के आगे बेबस
इस संबंध में CFSO वेदांत पबल का कहना है कि fssai में ऑनलाइन त्वरित ट्रेडिंग लाइसेंस की व्यवस्था है, जिसके चलते उसे ट्रेडिंग का लाइसेंस मिला है। मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया है, लेकिन मप्र शासन के अधिकारियों से मिली रिपोर्ट के बाद हमारी तरफ से लाइसेंस प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। ट्रेडिंग लाइसेंस त्वरित बन जाता है उसमें हमारी भूमिका नहीं है, ट्रेडिंग लाइसेंस भी निरस्त करवाएंगे।


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