इंदौर: इंदौर जिले में प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत अब ग्रामीण स्तर पर जागरूकता फैलाई जा रही है। इसी कड़ी में आज श्रम विभाग ने ग्राम पंचायत बड़ियाकीमा में ‘बंधक श्रम उन्मूलन दिवस’ (Bonded Labor Abolition Day) के अवसर पर एक विशेष शिविर का आयोजन किया।
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को बंधक मजदूरी और बाल श्रम के खिलाफ कड़े कानूनों से अवगत कराना था।

बाल श्रम पर सख्त चेतावनी: ₹50 हजार तक जुर्माना
शिविर में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों से काम कराना अब भारी पड़ सकता है। बाल एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 2016 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे को काम पर रखना गैरकानूनी है। ऐसा करने पर 6 महीने से लेकर 2 साल तक की जेल हो सकती है। दोषी पाए जाने पर 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
योजनाओं का लाभ और सत्यापन
शिविर में केवल कानूनों का पाठ नहीं पढ़ाया गया, बल्कि श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया गया, मौके पर मौजूद ग्रामीणों और श्रमिकों के ‘संबल’ (Sambal Card) और ‘कर्मकार मंडल’ के पंजीयनों की पुष्टि की गई। बंधक श्रम क्या है और इसे कैसे खत्म किया जाए, इसके कानूनी प्रावधानों को विस्तार से समझाया गया।


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