दोषियों पर धारा 302 और 1 करोड़ मुआवजे की मांग
इंदौर | इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से अब तक 21 लोगों की मौत (आंकड़ा बढ़कर 21 हुआ) और हजारों के बीमार होने के मामले ने अब प्रदेश में बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। इस मानवीय त्रासदी के विरोध में रविवार को कांग्रेस ने शहर में एक विशाल ‘न्याय यात्रा’ निकालकर अपना शक्ति प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
यह यात्रा बड़ा गणपति चौराहा से शुरू हुई और राजवाड़ा स्थित माँ अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ समाप्त हुई।
कांग्रेस की 3 प्रमुख मांगें
न्याय यात्रा के समापन पर कांग्रेस नेतृत्व ने सरकार के सामने अपनी स्पष्ट मांगें रखीं:
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मुआवजा: मृतकों के शोकाकुल परिवारों को तत्काल 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
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कानूनी कार्रवाई: लापरवाही बरतने वाले दोषी अधिकारियों और जिम्मेदारों पर धारा 302 (हत्या) के तहत आपराधिक मामला दर्ज हो।
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सुरक्षित पेयजल: इंदौर के भागीरथपुरा सहित सभी प्रभावित इलाकों में तत्काल स्वच्छ पेयजल की गारंटी सुनिश्चित की जाए।
दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी का प्रहार
न्याय यात्रा के दौरान एक वाहन की छत से जनता को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इंदौर के एकतरफा राजनीतिक परिदृश्य पर सवाल उठाए।
दिग्विजय सिंह ने कहा, “इंदौर में पार्षद से लेकर सांसद तक भाजपा के हैं, फिर भी जनता को साफ पानी के लिए जान देनी पड़ रही है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस लड़ाई को हर घर तक ले जाने का आह्वान किया।
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि स्वच्छता में नंबर-1 शहर की यह हकीकत शर्मनाक है।
“मौतों का आंकड़ा छिपा रही सरकार”: उमंग सिंघार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मौतों का वास्तविक आंकड़ा प्रशासन की फाइलों से कहीं ज्यादा है।
“इंदौर की जनता साफ पानी का अधिकार मांग रही है, कोई भीख नहीं। भागीरथपुरा के असली कातिल वही अधिकारी हैं जिन्होंने ड्रेनेज का पानी नर्मदा लाइन में मिलने दिया। उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।” — उमंग सिंघार
महिला कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन
यात्रा में महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने “घंटा-मंत्री मुर्दाबाद” के नारों के साथ अपना आक्रोश व्यक्त किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शहर के कई अन्य हिस्सों में भी दूषित पानी की समस्या बनी हुई है, जिसे नगर निगम जानबूझकर अनदेखा कर रहा है।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद, हज़ारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पीड़ित परिवारों के समर्थक इस यात्रा में शामिल हुए, जिससे इंदौर का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है।



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