नगर निगम का टैंकर नदी किनारे चेंबर में सेफ्टी टैंक का पानी डालते पकड़ाया
शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं
इंदौर ( जनहित मीडिया )। जिला प्रशासन, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी है कि वह नदी – नाले तालाब जैसे प्राकृतिक स्रोत साफ सुथरे रखें उन्हें दूषित होने से बचाए लेकिन नगर निगम के टैंकर ही नदियों को दूषित करने का काम कर रहे हैं।
इंदौर नगर निगम की जिम्मेदारी है कि शहर में निकलने वाले मल-मूत्र और उद्योगों के दूषित पानी एवं कचरा को नदी में मिलने से रोके। नदियों को साफ सूथरा रखें। इतना ही नहीं नदियों की सफाई के लिए इंदौर नगर निगम ने अरबो रुपए खर्च किए हैं, प्रदेश और केंद्र सरकार से मिलने वाला पैसा नदी के नाम पर अंधाधुंध खर्च किया है। लेकिन नदियों की सफाई तो दूर इसके उलट नगर निगम द्वारा नदियों को दूषित किया जा रहा है।


कुछ दिनों पहले नगर निगम करेक्ट टैंकर नदी किनारे एक चेंबर में सेफ्टी टैंक का मल डालते हुए देखा गया। इसको लेकर पर्यावरण कार्यकर्ता मुकेश वर्मा ने नगर निगम को फोटो सहित शिकायत भी की लेकिन निगम के जिम्मेदार अधिकारियों ने उन्हें उल्टा जवाब दिया चैंबर बनाई इसलिए है कि उसमें गंदा पानी डाला जा सके। कुल मिलाकर शिकायत के बाद एक पखवाड़े में भी उन पर कार्रवाई नहीं की गई और यही कारण है कि नदियों में प्रदूषण दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। घरेलू मल मूत्र के अलावा उद्योगों से भी दूषित पानी नदियों में जा रहा है।
कार्यवाही नहीं, पक्ष लिया
नगर निगम के जिन कर्मचारियों ने कान नदी के पास टैंकर का मल-मूत्र चेंबर का ढक्कन खोलने का सीधे नदी में डाला है शिकायत के बाद 15 दिनों में भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश वर्मा ने फोटो सहित शिकायत की है, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।


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