इंदौर। 2 दिन पहले एक पटाखे की फैक्ट्री में बेल्डिंग की चिंगारी से हुए धमाके के बाद जिला प्रशासन की आंख खुली और पता चला की फैक्ट्री अवैध चल रही थी जमीन भी सरकारी थी लेकिन वास्तविकता यह है कि यह फैक्ट्री 10 साल से अधिक समय से चल रही थी और इस दौरान कहीं तहसीलदार एसडीएम पटवारी आकरचले गए। आश्चर्य है दर्जन भर पटवारी तहसीलदार एसडीएम क्षेत्र की पुलिस किसी को भी यह नहीं मालूम था कि कारखाना अवैध है और सरकारी जमीन पर चल रहा है।
सांवेर तहसील अंतर्गत पंच डेहरिया में उज्जैन रोड से पंच डेहरिया जाते हुए रास्ते में ( उज्जैन रोड के करीब ) पिछले कई वर्षों से पटाखे का कारखाना चल रहा था। यह कारखाना शासकीय भूमि पर था और बिना विस्फोटक लाइसेंस के चल रहा था। विस्फोटक लाइसेंस, श्रम लाइसेंस, स्थापना का लाइसेंस, स्थानीय पुलिस निगरानी तथा जमीन के संबंध में पटवारी तथा तहसील कार्यालय के निगरानी के बावजूद कई बरसों से प्रशासन की आंख में धूल झोंक कारखाना चल रहा था। एक विस्फोट हुआ तो पता चला कि यह जमीन सरकारी है जिस पर कब्जा किया गया है और फैक्ट्री भी अवैध है।
सवाल यह है कि धंधा लीगल है या नहीं सरकारी जमीन पर कब्जा हो रहा है या किसी भी अन्य तरह की अनैतिक गतिविधियां आम आदमी की जान जाने या मानव शरीर के चीथड़े उड़ने के बाद ही सामने आएगी। और क्या प्रशासन दर्शक दीर्घा के तमाशबीन की तरह तमाशा देखने के लिए है।
2 दिन में कई कार्रवाई
अबे ग्रुप से चल रहा है कारखाने पर और गंदगी में बन रही खाद्य वस्तुओं को लेकर कलेक्टर के निर्देश पर पिछले दो दिनों में चार-पांच जगह पर कार्रवाई की गई है। इंदौर में सांवेर के पास ऐसी फैक्ट्री को सील किया जहां आयुर्वेदिक दवाइयां के नाम पर नकली माल बन रहा था।


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Server Time : September 5, 2026 2:50 pm