150 निर्माण टूटे, 30 परिवारों का विस्थापन
इंदौर — इंदौर की जीवन रेखा माने जाने वाले बीआरटीएस (BRTS) रोड पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए, नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण लिंक मार्ग को चौड़ा करने का काम शुरू किया है। एलआईजी मार्ग से एमआर-9 लिंक मार्ग को जोड़ने वाली मालवीय नगर बस्ती की एक गली, जो पहले मात्र 15 फीट चौड़ी थी, उसे अब नगर निगम द्वारा 60 फीट चौड़ा बनाया जा रहा है।
इस परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर बाधक निर्माण तोड़े गए हैं, जिससे निवासियों में दर्द और विरोध दोनों है, हालांकि भविष्य में व्यावसायिक लाभ की उम्मीदें भी हैं।
ट्रैफिक समस्या का समाधान
नगर निगम के अनुसार, इस 900 मीटर लंबी और 60 फीट चौड़ी सड़क के निर्माण पर ₹10 करोड़ खर्च किए जाएंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि बीआरटीएस की बस रेलिंग हटाई जा रही है और चौराहों पर ब्रिज भी बनेंगे। इन प्रमुख मार्गों के फीडर मार्गों को चौड़ा करना इसलिए जरूरी है, ताकि ट्रैफिक का दबाव कम हो सके।
- राहत: यह नई सड़क बनने से एलआईजी जंक्शन और एमआर-9 जंक्शन दोनों पर ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा, जहाँ अक्सर सुबह और शाम के समय जाम जैसे हालात बनते हैं।
- कनेक्टिविटी: वाहन चालक इस लिंक रोड से सीधे एमआर-9 मार्ग तक पहुंच सकेंगे, जो भविष्य में बायपास से जुड़ेगा।
विस्थापन और विरोध की पीड़ा
सड़क को 60 फीट चौड़ा करने के लिए नगर निगम ने पिछले दिनों 150 से अधिक निर्माणों को तोड़ा है। इस कार्रवाई का रहवासियों ने काफी विरोध भी किया, क्योंकि यह बस्ती उन्हें 1980 में अर्जुन सिंह सरकार द्वारा दिए गए पट्टों पर बसी हुई थी, हालांकि मास्टर प्लान में सड़क की चौड़ाई 60 फीट थी।
- बेघर परिवार: इस तोड़फोड़ के कारण 30 परिवारों के पास एक इंच भी जमीन नहीं बची है, जिससे वे बेघर हो गए हैं।
- विस्थापन का डर: नगर निगम ने इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान दिए हैं, लेकिन वे वहाँ जाने को तैयार नहीं हैं।
- पीड़ा: मकान टूटने के बाद टीन शेड में रह रहे ठाकुर परिवार की सदस्य प्रियंका ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले ही तीन मंजिला मकान बनाया था, लेकिन अब रहने के लिए घर नहीं बचा है, और उनका टिफिन सेंटर चलाकर गुजारा करना भी मुश्किल हो गया है।
भविष्य की संभावनाएं और संपत्ति मूल्य वृद्धि
तोड़फोड़ से हुए तात्कालिक नुकसान के बावजूद, बस्ती के निवासियों में सड़क चौड़ी होने के बाद भविष्य में व्यावसायिक लाभ की उम्मीदें जगी हैं।
- कीमतों में वृद्धि: सड़क चौड़ी करने का काम शुरू होने से पहले ही इस गली में मकानों की कीमतें बढ़ गई हैं। चार साल पहले तक 10×50 का मकान ₹25 लाख में मिलता था, अब उसकी कीमत ₹35 से ₹40 लाख हो चुकी है।
- विनोद चोपड़ा जैसे रहवासियों ने स्वीकार किया कि भले ही अभी नुकसान हुआ है, लेकिन सड़क बनने के बाद यहाँ दुकान व शोरूम खुल जाएंगे और इसकी भरपाई हो जाएगी।
यह परियोजना इंदौर में विकास और विस्थापन के बीच संघर्ष को दर्शाती है, जहाँ नगर निगम को विकास कार्यों को पूरा करने के लिए नागरिकों की भावनाओं और पुनर्वास के बीच संतुलन साधना पड़ रहा है।

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