इंदौर तहसील की बिशनखेड़ा पंचायत के ऊपड़ीनाथा में आज तक नहीं मिला योजना जल जीवन मिशन का पानी
मंगल सिंह राजपूत।
इंदौर। बाईपास के नजदीक विशनखेड़ा पंचायत है जिसका एक गांव है ऊपड़ीनाथा। इस गांव में केंद्र सरकार की योजना जल जीवन मिशन के तहत 2023 में ही काम पूरा हो गया और सरकारी (पीएचई) रिकॉर्ड के अनुसार हर घर में नल लगा है, जिसमें पानी आ रहा है। लेकिन वास्तविकता इससे अलग है ऊपड़ीनाथा मैं आज तक किसी के घर पानी नहीं पहुंचा।

दशकों पहले लिखी गई अदम गोंडवी की कविता “तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर यह आंकड़े झूठे हैं यह दावे किताबी है….” आजादी के 78 वर्ष बाद आज भी सार्थक है। आज भी गांव और बस्तिया सरकारी फाइलों में ही चमक रही है वास्तविक स्थिति तो पहले से भी बदतर होती जा रहीहै। सरकारी योजना का पैसा अब भी बंदरबाट हो रहा है और जनता अपने रहनुमाओं का मुंह ताक रही है। बड़ी-बड़ी योजनाएं तो दूर आम जनता को पानी भी नसीब नहीं हो रहा है। केंद्र सरकार ने जिस योजना पर हजारों करोड़ रुपए खर्च किए हैं, गांव में हर घर पानी पहुंचाने की योजना “जल जीवन मिशन” का ठेकेदारों और पीएचई अधिकारियों ने मिलकर इस कदर कबाड़ा किया है कि शहर के नजदीक बसे इंदौर तहसील के गांव में भी पानी नहीं मिला। हम बात कर रहे हैं ग्राम पंचायत विशनखेड़ा के ऊपड़ीनाथा गांव की। इस गांव में सरकार ने 22 लाख रुपए से अधिक राशि खर्च की है ताकि लोगों को घर स्वच्छ जल मिल सके लेकिन गांव के स्कूल परिसर में टंकी बनाई और कुछ पाइप भी डालें लेकिन यहां आज भी पाइपलाइन खुदी पड़ी है कुछ लोगों के घर नल लगे हैं तो कहीं नल भी नहीं लगे और और किसी भी ग्रामीण के घर पानी आज तक नहीं पहुंचा। जबकि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज है कि “शिल्पकला” नाम की कंपनी ने काम पूरा कर दिया है। इतना ही नहीं जानकारी के अनुसार विभागीय अधिकारियों ने भी जांच पड़ताल कर ली जिसमें सब सही है इसलिए इस गांव को काम कंप्लीट होने वाले गांव की श्रेणी में रखा है जबकि यहां कभी काम हुआ ही नहीं आज भी नहीं। आज भी कुछ पाइप और नल जमीन पर पड़े हैं। अब ग्रामीणों ने भी पानी मिलने की उम्मीद छोड़ दी है।
30 हजार करोड़ की योजना
जल जीवन मिशन के लिए मध्य प्रदेश में केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 से लेकर अब तक 30,000 करोड रुपए खर्च किए हैं जिसमें अकेले इंदौर जिले में ही लगभग 500 करोड़ पर खर्च किए गए हैं। हमने 100 से अधिक गांव का निरीक्षण किया है जिसमें अधिकांश गांव में स्थिति बुरी है और यहां योजनाओं का काम पूरे नहीं किए गए, जबकि पैसा पूरा खर्चा गया है। ऊपड़ीनाथा में भी शिल्पकला नाम की कंपनी को ठेका दिया और यहां 22 लाख 39 हजार रुपए खर्च किए गए हैं।
बिशनखेड़ा में सरपंच खा गए जनता की सुविधा
योजना “जल जीवन मिशन” का विशनखेड़ा में कामकाज ठीक-ठाक हुआ है और यहां कुछ दिनों तक ग्रामीणों को पानी भी मिला। लेकिन पंचायत के सरपंच सचिव इस योजना का रखरखाव ठीक से नहीं किया और स्थानीय व्यवस्था ने ग्रामीणों की व्यवस्था बिगाड़ दी।
ग्रामीण बोले व्यवस्था सुधारकर जाए
“जनहित मीडिया” की टीम जब मौके पर गांव में पहुंची तो ग्रामीणों ने कहा कभी भी नलों में पानी नहीं आया है सरकार ने पैसा खर्च किया है गांव की भी जरूरत है। ग्रामीणों ने योजना का काम व्यवस्थित तरीके से पूरा करने की मांग की है।


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