भोपाल — मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPT) की दो प्रमुख इकाइयों—विंड एंड वेव्ज़ रेस्टोरेंट और बोट क्लब, भोपाल—में ₹80 लाख से अधिक की सामग्री खरीदी में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। नियमों का उल्लंघन कर अनाधिकृत खरीदी के आरोप में निगम प्रशासन ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निगम के प्रबंध संचालक (MD) ने इस मामले में संबंधित कंपनी के खिलाफ जल्द ही FIR दर्ज कराने की बात कही है।
घोटाले का विवरण और निलंबन
निगम की आंतरिक जाँच में पाया गया कि क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुरूप और प्रभारी प्रबंधक अरविंद्र शर्मा ने वित्तीय नियमों का उल्लंघन किया।
| मुख्य तथ्य | विवरण |
| जाँच इकाइयाँ | विंड एंड वेव्ज़ रेस्टोरेंट और बोट क्लब, भोपाल |
| अनाधिकृत खरीदी राशि | ₹80.82 लाख |
| प्रत्यक्ष वित्तीय हानि | ₹22.37 लाख |
| निलंबित अधिकारी | अनिल कुरूप (क्षेत्रीय प्रबंधक) और अरविंद्र शर्मा (प्रभारी प्रबंधक) |
जाँच में खुलासा हुआ कि दोनों अधिकारियों को सामग्री खरीदी के लिए केवल ₹5 लाख तक का अधिकार था, लेकिन उन्होंने मुख्यालय की अनुमति के बिना करीब ₹80.82 लाख की खरीदी की। यह खरीदी जानबूझकर छोटे-छोटे बिलों में बांटकर की गई, ताकि इसे कोटेशन के नाम पर नियमों से छिपाया जा सके।

वस्तुएँ गायब और गुणवत्ता पर सवाल
जाँच रिपोर्ट में अनियमितताओं की एक और गंभीर परत उजागर हुई:
- वस्तुएँ गायब: खरीदी गई कुल 72 वस्तुओं में से 40 आइटम भौतिक सत्यापन के दौरान गायब पाए गए, जिससे निगम को सीधे ₹22.37 लाख की वित्तीय हानि हुई।
- गुणवत्ता पर संदेह: खरीदी गई सामग्री पर न तो कंपनी का लोगो, न बारकोड, और न ही अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) पाया गया, जिससे खरीदी की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
एमडी का सख्त रुख: कंपनी पर होगी FIR
कारण बताओ नोटिस जारी होने और असंतोषजनक जवाब मिलने के बाद, निगम प्रशासन ने एमपीएसटीडीसी सेवा उपविधि 2004 की धारा 7(क) के तहत दोनों अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में दोनों का मुख्यालय पर्यटन भवन, भदभदा रोड, भोपाल निर्धारित किया गया है।
निगम के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी ने अमर उजाला को बताया कि यह गंभीर गड़बड़ी है और संबंधित कंपनी पर जल्द ही FIR दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ-जहाँ से यह कंपनी जुड़ी है, वहाँ जाँच जारी है और जल्द ही और भी जगहों पर कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम में वित्तीय अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर रुख अपनाया जा रहा है।


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