चंडीगढ़: भारतीय वायुसेना का गौरव और दुश्मनों के लिए खौफ का प्रतीक रहा MIG-21 लड़ाकू विमान अब इतिहास बनने जा रहा है। चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन से यह विमान आखिरी बार शुक्रवार को उड़ान भरकर विदाई लेगा। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के आगरा से विशेष टीम भी चंडीगढ़ पहुंच चुकी है। इस ऐतिहासिक विदाई के गवाह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बनेंगे। जब MIG-21 एयरफोर्स स्टेशन से अपनी अंतिम उड़ान भरेगा, तब राजनाथ सिंह मौके पर मौजूद रहेंगे। बुधवार को हुई रिहर्सल के दौरान विमानों ने आकाश में शानदार करतब दिखाए और सुरक्षा प्रबंधों की अंतिम तैयारियों की समीक्षा की गई।
एयरफोर्स स्टेशन पर शानदार फुल ड्रेस रिहर्सल
चंडीगढ़ स्थित 12 विंग एयरफोर्स स्टेशन पर बुधवार को भव्य फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित हुई। इस दौरान MIG-21 फाइटर जेट को वॉटर कैनन सलामी दी गई, वहीं आकाश में सूर्या किरण एरोबेटिक टीम और आकाश गंगा स्काईडाइवर्स ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर माहौल को यादगार बना दिया। जैसे ही फाइटर जेट हवा में उड़ा, उसकी गड़गड़ाहट से पूरा शहर गूंज उठा। स्काई डाइवर्स ने 8 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाकर अद्भुत नजारा पेश किया। यह दृश्य देखकर हर व्यक्ति की आंखें इस ऐतिहासिक पल की गवाह बनीं। राजस्थान के सूरतगढ़ स्थित नंबर 23 स्क्वाड्रन (पैंथर्स) के कमांडिंग अफसर मिग-21 की आखिरी उड़ान भरेंगे। यह स्क्वाड्रन 1956 में गठित हुआ था और 1978 से मिग-21 का संचालन कर रहा है। आदमपुर की 28 नंबर स्क्वाड्रन के अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे, क्योंकि 1987 तक मिग-21 इस स्क्वाड्रन का हिस्सा रहा है।
वायुसेना प्रमुख को सौंपा जाएगा फॉर्म-700
अंतिम उड़ान के बाद पायलट अनुभव और तकनीकी रिपोर्ट फॉर्म-700 में दर्ज करेंगे। यह दस्तावेज स्क्वाड्रन कमांडिंग अफसर द्वारा वायुसेना प्रमुख को सौंपा जाएगा। इसे मिग-21 के गौरवशाली इतिहास की आखिरी दस्तावेजी गाथा के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा।


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