प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म 1xBet से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में अपनी जांच को तेज कर दिया है. मंगलवार को पूर्व भारतीय क्रिकेटर रोबिन उथप्पा ED के मुख्यालय पहुंचे, जहां उनसे वाल-जवाब किए जाएंगे. यह केस अब क्रिकेटरों से लेकर बॉलीवुड सितारों तक फैल चुका है, जिसमें युवराज सिंह, उर्वशी रौतेला और सोनू सूद जैसे नाम शामिल हैं. एजेंसी इन हस्तियों से ऐप के प्रमोशन, संपर्क स्रोत और प्राप्त भुगतान के बारे में जानकारी लेना चाहती है.
रोबिन उथप्पा से ED की पूछताछ
रोबिन उथप्पा को 22 सितंबर को ED ने हाजिर होने का आदेश दिया थ. वह प्रमोशनल वीडियो में नजर आ चुके हैं, जिसके चलते जांच एजेंसी ने उनके कॉन्ट्रैक्ट, लेन-देन और ऐप के साथ जुड़ाव पर फोकस किया. सूत्रों के मुताबिक, ED को शक है कि सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट्स ने इस प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई, जिससे करोड़ों रुपए का नुकसान निवेशकों को हुआ. ऐसे में ED उनसे जानना चाहती है कि सट्टेबाजी से जुड़ी इस एप का प्रमोशन करने के लिए उनसे किसने संपर्क किया और प्रमोशन के बदले में इन्हें भुगतान किस रूप में किया गया.
ED ने पूर्व स्टार क्रिकेटर युवराज सिंह को 23 सितंबर और अभिनेता सोनू सूद को 24 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है. युवराज 1xBet के प्रमोशन से जुड़े रहे हैं. वहीं, सोनू सूद को भी इसी तरह के नोटिस का सामना करना पड़ रहा है. इससे पहले उर्वशी रौतेला, जो 1xBet की भारत ब्रांड एंबेसडर हैं, उनको 16 सितंबर को बुलाया गया था, लेकिन वे अभी तक हाजिर नहीं हुईं हैं. इस केस में ED ने पहले ही पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन और सुरेश रैना से पूछताछ कर ली है. दोनों को प्रमोशनल गतिविधियों और भुगतान के स्रोतों पर घंटों सवालों का सामना करना पड़ा था.
क्या है 1xBet मामला?
1xBet एक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है, जो भारत में अवैध रूप से संचालित हो रहा है. यह प्लेटफॉर्म भारतीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों में लिप्त है. केंद्रीय एजेंसियों ने इस प्लेटफॉर्म के वित्तीय लेन-देन, कर चोरी और डेटा सुरक्षा उल्लंघनों की जांच शुरू की है. पहले भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए कोई केंद्रीय कानून नहीं था, लेकिन कई राज्य इसे बैन करते हैं. 2023 में, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 174 अवैध सट्टेबाजी ऐप्स पर बैन लगाया था, जिसमें 1xBet भी शामिल है. इसके अलावा, 2025 में प्रोमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट पारित किया गया, जो ऑनलाइन सट्टेबाजी को बैन करता है और इसके लिए दंड का प्रावधान करता है.


Users Today : 10
Total Users : 7596
Views Today : 22
Total views : 13629
Who's Online : 0
Server Time : March 10, 2026 8:30 pm