Navratri 2025 date: नवरात्रि का पावन पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है. यह नौ दिनों का पर्व मां दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों की आराधना का विशेष समय है. श्रद्धालु उपवास रखते हैं, कलश स्थापना करते हैं और पूरे नौ दिन माता रानी की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. लेकिन शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि के इन नौ दिनों में कुछ ऐसी छोटी-छोटी गलतियां होती हैं, जिनके कारण साधना और पूजा का पूरा फल नहीं मिलता. इन गलतियों से बचना हर भक्त के लिए आवश्यक है. आइए जानते हैं नवरात्रि में किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
पूजा-पाठ से जुड़ी गलतियां
अधूरा संकल्प: नवरात्रि के पहले दिन, कलश स्थापना के साथ ही नौ दिनों के व्रत का संकल्प लिया जाता है. अगर आप व्रत रख रहे हैं, तो संकल्प जरूर लें. बिना संकल्प के किया गया व्रत अधूरा माना जाता है.
मां को तुलसी न चढ़ाएं: देवी दुर्गा की पूजा में कभी भी तुलसी का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. अगर आप उन्हें तुलसी अर्पित करते हैं, तो इससे आपकी पूजा खंडित हो सकती है.
अखंड ज्योति के नियम: अगर आपने घर में अखंड ज्योति जलाई है, तो ध्यान रखें कि उसे नौ दिनों तक बुझने न दें. घर को अकेला न छोड़ें और घी या तेल खत्म होने से पहले ही उसमें और डाल दें.
दुर्गा सप्तशती का पाठ: नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का बहुत महत्व है. पाठ करते समय इसका सही उच्चारण करें और बिना रुके इसका पूरा पाठ करें. अगर आप बीच में रुक जाते हैं, तो पाठ अधूरा माना जाता है.
देवी की प्रतिमा या तस्वीर का सही स्थान: मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर को पूजा घर में सही स्थान पर रखें. उन्हें कभी भी जमीन पर या गंदी जगह पर न रखें.
व्रत और खान-पान से जुड़ी गलतियां
सात्विक भोजन का महत्व: नवरात्रि के दौरान सात्विक भोजन ही करना चाहिए. लहसुन, प्याज, मांसाहार और शराब का सेवन पूरी तरह से वर्जित है. व्रत नहीं भी रख रहे हों, तब भी इन चीजों से दूरी बना कर रखें.
व्रत के नियमों का पालन: अगर आप व्रत रख रहे हैं, तो फलों, कुट्टू का आटा, समा के चावल, और सेंधा नमक से बनी चीजें ही खाएं. सामान्य नमक का उपयोग न करें.
चमड़े का इस्तेमाल न करें: नौ दिनों तक चमड़े से बनी किसी भी चीज, जैसे बेल्ट, पर्स या जूते का इस्तेमाल करने से बचें.
अन्य जरूरी बातें
घर की साफ-सफाई: नवरात्रि शुरू होने से पहले ही घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई कर लें. घर में गंदगी होने से नकारात्मकता आती है.
काले कपड़े न पहनें: नवरात्रि में काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए. ये शोक का प्रतीक माने जाते हैं और पूजा के दौरान शुभ नहीं होते.
क्रोध और नकारात्मक विचार: इन नौ दिनों में अपने मन में क्रोध, ईर्ष्या, और नकारात्मक विचार न आने दें. मां की भक्ति में लीन रहें और मन को शांत रखें.
नाखून और बाल: व्रत के दौरान बाल और नाखून काटने से बचें. इसे अशुभ माना जाता है.
दिन में सोना: व्रत रखने वाले व्यक्ति को दिन में सोने से बचना चाहिए.


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