जमानत के बढ़ते मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. शीर्ष अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट एक जमानत अदालत बन गया है. जस्टिस बीवी नागरत्ना ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के बढ़ते मामलों की संख्या पर चिंता जताते हुए कहा कि यह जमानत अदालत बन गया है. शुक्रवार को हमारे पास 25 मामले थे और आज 19 जमानत मामले हैं. एक के बाद एक हम या तो जमानत दे देते हैं या ना कर देते हैं.
जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अगर निचली अदालतें सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन करें, तो यहां आने वाले मामलों की संख्या कम हो सकती है. इससे पहले उन्होंने इस तरह के मामले में चिंता जताई थी. उस समय जस्टिस नागरत्ना ने कहा था कि शीर्ष अदालत को अब फैमिली कोर्ट, ट्रायल कोर्ट, जमानत कोर्ट और यहां तक कि हाई कोर्ट की भूमिका निभानी पड़ रही है
जस्टिस नागरत्ना ने क्या कहा?
जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि छोटे-मोटे मुद्दों पर अपील दाखिल करने का जो चलन है, उसके चलते सुप्रीम कोर्ट का संवैधानिक मामलों पर जो असली फोकस है, वो कमजोर हो रहा है. उन्होंने कहा कि आज की सुनवाई में जमानत 19 मामले लिस्ट थे. जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि हाई कोर्ट को अधिक सशक्त बनाना चाहिए ताकि वे अंतिम फैसला ले सकें और जमानत जैसे मामलों में निचली अदालतें को डर न लगे.


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