सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (15 सितंबर) को गुजरात पुलिस द्वारा 17 साल के नाबालिग लड़के के कथित यौन उत्पीड़न और हिरासत में पिटाई के आरोपों पर दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को गुजरात हाई कोर्ट जाने की सलाह दी है.
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने याचिकाकर्ता के प्रति सहानुभूति जताई और याचिकाकर्ता के वकील से सवाल किया कि आपने हाई कोर्ट का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाया?. बेंच ने कहा ‘हमें आपसे पूरी सहानुभूति है, लेकिन आपने हाईकोर्ट का रुख क्यों नहीं किया?’. कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट से राहत मांगी जा सकती है.


Users Today : 13
Total Users : 15595
Views Today : 23
Total views : 27728
Who's Online : 0
Server Time : July 22, 2026 11:03 am