• लाइव टीवी
  • Bharatnama
  • JM Exclusive
  • PMAY
  • मुद्दों की मेज़
  • संपर्क
  • लॉगिन
Janhit Media
  • मुख्यप्रष्ठ
  • इंदौर
  • राज्य
    • दिल्ली/NCR
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • गुजरात
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • देश-विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म/समाज
  • लाइफ स्टाइल
No Result
View All Result
  • मुख्यप्रष्ठ
  • इंदौर
  • राज्य
    • दिल्ली/NCR
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • गुजरात
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • देश-विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म/समाज
  • लाइफ स्टाइल
No Result
View All Result
Janhit Media
No Result
View All Result
  • मुख्यप्रष्ठ
  • इंदौर
  • राज्य
  • दिल्ली/NCR
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखंड
  • गुजरात
  • पंजाब
  • बिहार
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • हरियाणा
  • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • देश-विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म/समाज
  • लाइफ स्टाइल
  • मुद्दों की मेज़
  • Bharatnama
  • JM Exclusive
  • Podcast/Video
  • संपर्क
  • लॉगिन
ब्रेकिंग
अब झोनल ऑफिस में बनेंगे जन्म मृत्यु प्रमाण-पत्र वर्षा जल संरक्षण करने वालों को मिलेगा वाटर क्रेडिट - महापौर  निजी कंपनी ने हड़पी किसान की जमीन निर्माण श्रमिकों की ई-केवाईसी 13 जून तक अनिवार्य टंकियों में नहीं है पानी, पीएचपीएचई के काम में धांधली मप्र में आज से ट्रांसफर शुरू, पहले रिक्त पद भरेंगे IPL 2026: आरसीबी ने रचा इतिहास, गुजरात टाइटंस को हराकर लगातार दूसरी बार जीता आईपीएल का खिताब भेरूघाट पर फूटी पाइपलाइन, आसमान छूता दिखा पानी का फव्वारा सीएम मोहन यादव का जीतू पटवारी पर तीखा तंज उज्जैन में भीड़ नियंत्रण के लिए इंदौर में बनेंगे होल्डिंग एरिया और सैटेलाइट पार्किंग

आधार को माना जाए 12वां दस्तावेज… बिहार में SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

Mangal Singh Rajput by Mangal Singh Rajput
September 8, 2025
in बिहार
0

बिहार में एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया. सोमवार को चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि चुनाव अधिकारियों द्वारा आधार कार्ड को 12वें दस्तावेज के रूप में माना जाएगा. आधार कार्ड की प्रामाणिकता और वास्तविकता की जांच करने का अधिकार अधिकारियों को रहेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसे नागरिकता के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा. चुनाव आयोग इस आदेश की जानकारी अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करे.

चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि आधार पहचान का प्रमाण हो सकता है, नागरिकता का नहीं. वहीं, सिब्बल ने जोर दिया कि यह 12वां दस्तावेज होगा, जिसे उन्हें स्वीकार करना होगा. गोपाल शंकरनारायण ने कहा कि वे इसका विरोध क्यों कर रहे हैं? जस्टिस कांत ने कहा कि अगर इसे 12वां दस्तावेज माना जाता है, तो इसमें क्या समस्या है?

किसने क्या दलीलें दीं

द्विवेदी ने कहा कि इसे पासपोर्ट की तरह ट्रीट नहीं किया जा सकता. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार से अगर कोई आवेदन करता है और अगर आपको संदेह है तो जांच करा लें. शीर्ष अदालत ने कहा कि विधायी स्थितियों में आधार है तो आप उस परिधि को लांघ नहीं सकते. चुनाव आयोग ने कहा कि हम पासपोर्ट की तरह आधार को नहीं स्वीकार कर सकते. बिहार में सभी 11 दस्तावेजों को पेश करने में सक्षम हैं.

जस्टिस कांत ने कहा कि लोगों ने हर तरह के दस्तावेज जाली बनाए हैं, लेकिन चुनाव आयोग उनकी पुष्टि कर सकता है. एडवोकेट अश्विनी कुमार उपाध्याय ने कहा कि अगर किसी के पास 11 दस्तावेज नहीं हैं, तो उसके पास आधार कार्ड कैसे है? वकील ग्रोवर ने कहा कि गरीबों के पास यही एकमात्र दस्तावेज है. द्विवेदी ने कहा कि हम जानते हैं कि कौन गरीबों को हटाना चाहता है.

सिब्बल ने कहा कि मैं सिर्फ पहचान की बात कर रहा हूं. मेरी पहचान स्वीकार करें. एक वकील ने कहा कि गलत व्यक्ति को भी शामिल करना प्रतिकूल होगा. जस्टिस कांत ने कहा जो इस देश के असली नागरिक हैं, उन्हें वोट देने का अधिकार है. जो लोग जाली दस्तावेजों के आधार पर नागरिकता का दावा कर रहे हैं, उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं है.

आधार पर कानून बिल्कुल स्पष्ट- सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस कांत ने कहा कि आधार पर कानून बिल्कुल स्पष्ट है. आधार आधिकारिक दस्तावेजों में से एक है. चुनाव आयोग इसे लेंगे और इसकी जांच करेंगे. द्विवेदी ने कहा कि आधार निवास के लिए दिया जा सकता है. जस्टिस बागची ने कहा कि अधिनियम के एक प्रावधान में आधार को निवास के दस्तावेज़ के रूप में विशेष रूप से संदर्भित किया गया है. जस्टिस कांत ने कहा कि जरूर कहीं कोई भ्रम हो रहा है.

द्विवेदी ने कहा कि आधार को डिजिटल रूप से अपलोड किया जा सकता है. कानूनी अधिकारियों को भी अपलोड करने की अनुमति है. हम इसे नागरिकता का प्रमाण नहीं मान रहे हैं. हम इस बात से सहमत नहीं हैं कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची संशोधन के लिए यह निर्धारित करने का अधिकार नहीं है कि कोई व्यक्ति नागरिक है या नहीं. मतदाता सूची के संदर्भ में हमें इसकी जांच करने का अधिकार है.

आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं पर एक दस्तावेज तो है- SC

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम मानते हैं कि आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है, लेकिन एक दस्तावेज है जो राशन कार्ड या ईपीआईसी की तरह हैं. द्विवेदी ने कहा कि हम आधार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक और कानून के मुताबिक स्वीकार कर रहे हैं। लेकिन उसे नागरिकता का प्रमाण नहीं मान रहे हैं, लेकिन हम नागरिकता नहीं जांच रहे हैं. सिब्बल ने कहा कि इस न्यायालय के तीन आदेश हैं, जिनमें कहा गया है कि आधार स्वीकार किया जाए. खुद बीएलओ के बयान हैं, जिनमें कहा गया है कि आधार स्वीकार नहीं किया जा सकता.

सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार को स्वीकार किया जाए. बीएलओ अवमानना ​​कर रहे हैं, उन्होंने बीएलए को सूचित किया है कि उन्हें 11 में से एक दस्तावेज की आवश्यकता होगी, मैं सबूत दिखाऊंगा. चुनाव आयोग 11 दस्तावेजों के अलावा अन्य दस्तावेज स्वीकार करने वाले अधिकारियों को दंडित कर रहा है. बीएलओ को 11 दस्तावेजों के अलावा अन्य दस्तावेज स्वीकार करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. बीएलओ ने हस्ताक्षरित बयान दिए हैं. जस्टिस कांत ने कहा कि हमें कारण बताओ नोटिस दिखाएं.

BLO नागरिकता तय नहीं कर सकता- सिब्बल

चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि राजद का आवेदन कल रात हमें दिया गया. सिब्बल ने कहा कि कृपया देखें कि उन्होंने कितनी अवमानना ​​की है जबकि न्यायाधीश ने आदेश दिया था. जस्टिस कांत ने कहा कि क्या आप नागरिकता के प्रमाण के रूप में आधार को स्वीकार करना चाहते हैं? सिब्बल ने कहा नहीं, निवास प्रमाण के रूप में. बीएलओ वैसे भी नागरिकता तय नहीं कर सकता. चुनाव आयोग ने निर्देश जारी किए हैं कि सिर्फ आधार को स्वीकार न किया जाए. मैं सिर्फ आधार को स्वीकार करना चाहता हूं ताकि मैं वोट दे सकूं.

Previous Post

पंजाब के मौसम पर IMD का Update, आने वाले 5 दिनों को लेकर पढ़ें नई जानकारी

Next Post

BJP सांसदों को परफार्मेंस के हिसाब मिला कार्ड, सोशल मीडिया पर इनएक्टिव रहने वाले को लाल रंग

Next Post

BJP सांसदों को परफार्मेंस के हिसाब मिला कार्ड, सोशल मीडिया पर इनएक्टिव रहने वाले को लाल रंग

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा युवाओं को लेकर की गई टिप्पणी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से युवाओं की बड़ी फौजी खट्टी हो गई है और वह हाथ धोकर CJI के पीछे पड़ गए, उनका स्तीफा मांगा जा रहा है। 
गी और सीजीपी के बीच चल रहा है विवाद में आज जंतर मंतर पर युवाओं की भीड़ इकट्ठी हो गई है कॉकरोच जनता पार्टी बनाने वाले अभिजीत भी सहयोगियों के साथ दिल्ली पहुंच चुके हैं।
.
.

#janhitmedia #hindinews #latestnews #news 
#breakingnews #indianpolitician #today 
#currentaffairs #delhi #cjp #cji #politics
जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का हल्ला बोल #janhitmedia
Subscribe

फॉलो करें

Live Cricket Scores

जनहित मीडिया जनता और शासन के हितों को सर्वोपरि रखते हुए जनहित के मुद्दों पर कार्य करता है। हमारा उद्देश्य स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर की ख़बरों और महत्वपूर्ण जानकारियों को प्रमाणों एवं तथ्यों के साथ प्रसारित करना है। -जनहित मीडिया ! वास्तविकता हमारी जिम्मेदारी

0 1 3 4 5 8
Users Today : 28
Total Users : 13458
Views Today : 32
Total views : 23767
Who's Online : 0
Server Time : June 6, 2026 1:21 pm
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • मुख्यप्रष्ठ
  • लाइव टीवी
  • संपर्क

Janhit Media © 2026 All Rights Reserved. | Design & Developed By SMC Web Solution - 8770359358.

No Result
View All Result
  • मुख्यप्रष्ठ
  • इंदौर
  • राज्य
  • दिल्ली/NCR
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखंड
  • गुजरात
  • पंजाब
  • बिहार
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • हरियाणा
  • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रीय
  • देश-विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म/समाज
  • लाइफ स्टाइल
  • मुद्दों की मेज़
  • Bharatnama
  • JM Exclusive
  • Podcast/Video
  • संपर्क
  • लॉगिन

Janhit Media © 2026 All Rights Reserved. | Design & Developed By SMC Web Solution - 8770359358.