महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर विवाद भी शुरू हो गया है. अब आने वाले समय में मराठा और ओबीसी के बीच टकराहट शुरू होने के आसार बढ़ गए हैं. कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने आज बुधवार को बताया कि मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र में मराठा समुदाय के लोगों को अब आरक्षण मिलेगा, लेकिन राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कई नेताओं ने फडणवीस सरकार के फैसले पर नाराजगी जताई और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी. ओबीसी के एक प्रमुख नेता और राज्य के मंत्री छगन भुजबल कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं हुए, जिससे माना जा रहा है कि वहां पर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है.
हालांकि सरकार के इस फैसले से मंत्री भुजबल नाराज बताए जा रहे हैं. ओबीसी कार्यकर्ता लक्ष्मण हाके ने दावा किया कि राज्य सरकार को मराठों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र देने की मांग स्वीकार करने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने आगाह किया है कि ओबीसी समुदाय इस फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरेगा. दूसरी ओर, बीजेपी के विधान परिषद सदस्य परिणय फुके ने कहा कि फडणवीस सरकार ने कैबिनेट के सभी सदस्यों को विश्वास में लेने के बाद मराठा आरक्षण पर सरकारी आदेश जारी किया और दावा किया कि कोई भी ओबीसी नेता इससे नाराज नहीं है.


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